बेमिसालः मां-बाप से प्रेरणा लेकर हर्ष प्रभा बनी समाज सेविका,काफी वर्षो में कर रही असहायों की सेवा


बेमिसालः मां-बाप से प्रेरणा लेकर हर्ष प्रभा बनी समाज सेविका,काफी वर्षो में कर रही असहायों की सेवा

ग़ाज़ियाबाद जीवन में हालातों से बेहतरीन कोई प्रेरणा नहीं। यह कहना है ग़ाज़ियाबाद के sec-12,प्रताप विहार निवासी समाजसेविका हर्ष प्रभा का।उन्होंने एम0ए0 साइकोलॉजी,बी0लाइब्रेरी साइन्स, एम0लाइब्रेरी,एम0फिल लाइब्रेरी,सिलाई,कंप्यूटर, फल संरक्षण व पीएचडी लाइब्रेरी के कोर्स,आदि से हुनर प्राप्त कर,समाजसेवा के माध्यम से गरीब व असहाय लोगो का स्तर पढ़ाई में बढ़ाने में जुटी हुई है।पढ़ेगा इंडिया-बढ़ेगा इंडिया के नारे को सपोर्ट करते हुए लोगो आवाज बुलंद करना चाहती है।जिसके लिए हर्ष प्रभा पिछले काफी सालों से असहाय व जरूरतमंद, गरीब लोगों की मदद करते आ रहे हैं। हर्ष प्रभा बीते वर्ष गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए हज़ारो से अधिक किताबें,दर्जनों सिलाई मशीन,कम्बल,खाने-पीने,आदि का दान कर चुकी है।जिसके लिए उन्हें हर वर्ष जिले स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया था।पिछेल वर्ष-2019 में उन्हें भारतीय अटल गौरव अवार्ड,भारतीय रत्न गौरव अवार्ड,हेल्थ केयर,आदि अवार्ड से भी सम्मानित हुई।इसी साल उन्हें शान-ए-इंडिया अवार्ड-2020 और राष्ट्रीय रत्न अवार्ड & कॉन्फ्रेंस 2020 के लिए लिए भी चयनित किया गया है।हर्ष प्रभा ने बताया कि उन्हें सामाजिक गतिविधियों में अग्रसर रहने के लिए सम्मानित किया। हर्ष प्रभा नर पत्रकारों से बात करते हुए यह भी बताया कि वह प्रत्येक वर्ष गरीब बच्चों को गर्म कपड़े, वॉटर बोतल, टिफिन बॉक्स और मिठाईयां बांटती है। उन्होंने अपने साथ जुड़ी काफी महिलाओं के टैलेंट को निखारने के साथ-साथ उन्हें रोजी रोटी कमाने के योग्य बनाया। फिलहाल वह सेवा भारती संगठन महानगर अध्यक्ष हैं। उन्होंने सभी महिलाओं को परिस्थितियों से घबराकर डटकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने का संदेश दिया है।

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