महंत स्वामी परमानंद का तीर्थनगरी के शमशान घाट मे हुआ अंतिम संस्कार,अंतिम यात्रा मे उमड़ा जनसैलाब


महंत स्वामी परमानंद का तीर्थनगरी के शमशान घाट मे हुआ अंतिम संस्कार,अंतिम यात्रा मे उमड़ा जनसैलाब

जनपद हापुड़ गढमुक्तेश्वर दुर्गा मंदिर के महंत स्वामी परमानंद का तीर्थनगरी के शमशान घाट मे हुआ अंतिम संस्कार,अंतिम यात्रा मे उमड़ा जनसैलाब। गढमुक्तेश्वर के मीरारेती मे स्थित दुर्गा मंदिर के 80 बर्षीय महंत स्वामी परमानंद का तीर्थनगरी बृजघाट के शमशान घाट मे किया अंतिम संस्कार।महंत स्वामी परमानंद की अंतिम यात्रा दुर्गा मंदिर से प्रारंभ होकर गढमुक्तेश्वर के मुख्य मार्गो से गुजरती हुई तीर्थनगरी के शमशान घाट मे समाप्त हुई जहाँ स्वामी जी का अंतिम संस्कार किया गया स्वामी परमानंद की अंतिम यात्रा मे उनके अनुयायियों राजू गाँधी, एडवोकेट संदीप निषाद, रतन भगत जी,हरिप्रकाश, राकेश निषाद, डा. अंसार,लता केवट,राजेश हलवाई,डा.यूनूस खाँ, बलजीत प्रजापति, ताराचंद केवट,ललित कश्यप, रामवतार, चरना प्रधान, कुलदीप निषाद,डा.घनश्याम राणा,राकेश नया बांस, प्रदीप निषाद,जगदीश निषाद, सहित उमड़ा जनसैलाब ।महंत स्वामी परमानंद का गत रात्रि 9.00 बजे हृदय गति रूकने से निधन हो गया था जिसकी खबर लगते ही उनके शिष्यो मे शोक छा गया ।उनके अनुयायी एडवोकेट संदीप निषाद ने बताया कि बाबा परमानंद महाराज का सन 1973 मे मंदिर मे आगमन हुआ था और उस मंदिर के महंत स्वामी धारा थे परमानंद उनके शिष्य बने थे सन 1984 मे महंत स्वामी धारा की मृत्यु के पश्चात महंत के रूप मे स्वामी परमानंद ने मंदिर की गद्दी संभाली ।गतरात्रि महंत स्वामी का हार्टअटैक से देहांत हो गया । महंत स्वामी के पैतृक ग्राम पोटा तहसील अनूपशहर बुलंदशहर से उनके परिजन व हजारो की संख्या मे लोग अंतिम संस्कार मे शामिल हुए।मंहत स्वामी परमानंद की चिता को सर्वसमाज के लोगो ने मुखाग्नि दी।

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