मनरेगा मजदूरों को 10 माह से नहीं मिली मजदूरी, लोकपाल से की शिकायत


मनरेगा मजदूरों को 10 माह से नहीं मिली मजदूरी, लोकपाल से की शिकायत

जनपद बुलन्दशहर, विकास भवन में दर्जनों मनरेगा मजदूर लोकपाल से मिले। उन्होंने शासन द्वारा नामित मेरठ मंडल मनरेगा लोकपाल को दुखड़ा सुनाया और शिकायती पत्र सौंपे। मजदूरों ने बताया कि 10 माह से उन्हें काम नहीं मिल रहा और डेढ़ वर्ष पूर्व किए गए कार्यो का अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। कुछ मजदूरों को भुगतान किया गया लेकिन वह भी आधा अधूरा। लोकपाल ने रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने की बात कही है। बता दें कि शासन के आदेशानुसार मनरेगा मजदूर को वर्ष में 100 दिन का काम देना जरूरी है और काम करने के 15 दिन के अंतराल में इनका भुगतान होना जरूरी है। इसके बावजूद मनरेगा मजदूरों को डेढ़ वर्ष से भुगतान नहीं मिला है। अरनिया के गांव जरारा से आए मजदूरों ने बताया कि 10 माह से उनसे कोई काम नहीं कराया गया है। लोकपाल ने जब उनके क्षेत्र के कागजात खंगाले तो उनमें मनरेगा मजदूरों से बिजेंद्र और देवेंद्र के निवास पर वर्मी कंपोस्ट बनाना दर्शाया गया है और इनकी मजदूरी भी जारी करना दर्शाया गया है। ऐसे ही अगौता क्षेत्र के सरीफ पुर भैंसरोड़ा गांव के मजदूरों ने बताया कि पांच साल पूर्व जॉब कार्ड जारी कर दिए गए लेकिन आज तक काम नहीं मिला। संबंधित गांव का रिकार्ड खंगाला गया तो इस गांव में 160 पंजीकृत मजदूर हैं और इनमें 62 मजदूरों से काम कराना दर्शाया गया और आठ को मजदूरी देनी दर्शाना पाया गया। मजदूरों ने ग्राम प्रधान, बीडीओ और सेक्रेटरी के खिलाफ शिकायत करते हुए काम व मजदूरी दिलाने की मांग की। लोकपाल अंशु त्यागी ने बताया कि बीडीओ, एडीओ और ग्राम प्रधान को पत्र जारी किए जाएंगे और शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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