टायर बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग


टायर बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग

हापुड़ धौलाना थाना क्षेत्र अंतर्गत यूपीएसआइडीसी स्थित रबर के स्पेयर पार्ट्स फैक्ट्री में मंगलवार सुबह भीषण आग लग गई। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की 15 गाड़ियों पर तैनात 30 से अधिक दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने में करीब छह घंटे का समय लगा, जिससे भारी नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही है। क्षेत्र के फेज दो स्थित प्लाट संख्या जी 437 में एसडी आटोमेटिव कंपोनेंट्स नामक फैक्ट्री चलाई जा रही है। फैक्ट्री के स्वामी शिवकुमार बंसल हैं। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अचानक फैक्ट्री में आग लग गई, जिससे यहां पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिंह तोमर व क्षेत्रधिकारी डॉ. तेजवीर सिंह मौके पर पहुंच गए। सूचना पर दमकल विभाग की एक के बाद एक 15 गाड़ियों सहित 30 से अधिक दमकल कर्मी पहुंच गए। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने शाम चार बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिसमें लाखों रुपये के बने व अधबने स्पेयर पार्ट्स जलकर राख हो गए, लेकिन गनीमत ये रही कि फैक्ट्री में काम कर रहे दर्जनों कर्मचारी सुरक्षित बच गए। आसपास के क्षेत्र में आग लगने से दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। आग बुझने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की गई। प्रथम ²ष्टया जांच में पता चला है कि फैक्ट्री में वेल्डिग के दौरान चिगारी पास में रखे बारदाने में आग लग गई। उसके नीचे रखी रबर ने आग पकड़ ली। धीरे-धीरे आग फैक्ट्री के अधिकांश हिस्से में फैल गई। रबर में लगी आग को बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पानी डालने पर आग न बुझने पर जेसीबी के माध्यम से आग लगती रबर को उठाकर फैक्ट्री से बाहर निकाला गया। तब जाकर आग पर काबू पाया गया। यूपीएसआइडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक को लिखा पत्र उपजिलाधिकारी धौलाना अरविद द्विवेदी ने बताया कि कुछ समय पहले भी एक फैक्ट्री में आग लगी थी। फैक्ट्रियों में आग की घटनाएं न हों, इसके लिए यूपीएसआइडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र लिखा है, जिसमें उनसे धौलाना परिक्षेत्र में स्थापित फैक्ट्रियों की डिटेल मांगी है। उसमें पूछा है कि किस फैक्ट्री में क्या कार्य होता है। फैक्ट्री मालिक का नाम, पता और मोबाइल मांगे हैं। उन्होंने बताया कि डिटेल के साथ सूची मिलने पर फैक्ट्रियों में रैंडम निरीक्षण किया जाएगा। ताकि यह पता चल सके कि फैक्ट्रियों में जो कार्य हो रहा है वह अग्नि सुरक्षा मानकों के मुताबिक है या नहीं। कहीं भी लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

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