युवा दिवस के रूप में मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती


युवा दिवस के रूप में मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती

उजाला हितैषी ब्यूरो, बुलंदशहर। बुलंदशहर के मुस्लिम गर्ल्स डिग्री कॉलेज की कार्यक्रम अधिकारी शिखा कौशिक के तत्वावधान में देर शाम स्वामी विवेकानंद की 158 वीं जयंती को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया गया। बच्चो को संबोधित करते हुए शिखा कौशिक ने कहा कि स्वामी विवेकानंद को युवा शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उनकी जयंती को हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को विवेकानंद के जीवन चरित्र से अवगत कराते हुए उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं से अपील करते हुए कहा कि केवल जयंती मनाने तक ही हम विवेकानंद जी को सीमित ना रखे, इनके बताए रास्तों पर चलें एवं विचारों को आत्मसात करें। श्री विवेकानंद ने युवाओं को अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों में लगाने की सलाह देते हुए कहा था कि अगर हर युवक अपने घर के आस-पास के लोगों को सकारात्मक दिशा में ले चलने का प्रयास करे तो समूचा देश नया स्वरूप धारण कर सकता है। शिखा कौशिक ने कहा कि युवाओं को स्वामी जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए। स्वामी विवेकानंद जी जैसी ओजस्वी छवि, विचार, दर्शन आज भी जिन्दा है, परोपकार और दूरदर्शिता इनके प्रमुख प्रकल्प थे। ये सदैव हम सब के प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। स्वामी विवेकानंद आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा दायक है। "युवाओं का जीवन सफल बनायेंगे" स्वामी विवेकानंद जी के द्वारा शिकागो में दिया गया ओजस्वी भाषण ही पश्चिमी सभ्यता को भारत की तरफ खींच लाया। उन्होने देश और समाज को नई और विकासशील दिशा की ओर अग्रसर करने में योगदान दिया स्वामी विवेकानंद युवाओ के प्रेरणास्रोत थे और इसलिए उनकी जयंती देश में राष्टीय युवा दिवस के रुप में मनाया जाता है। शिखा कौशिक, एमआई कॉउंसलर, बुलंदशहर। मेरा विश्वास युवा पीढ़ी में है, भारत सरकार द्वारा 1984 में सबसे पहले इसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई थीं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद मानते थे कि युवा होने का अर्थ शरीर से बलवान होना ही नहीं है, बल्कि जो मानसिक रूप से मजबूत हो, वह भी युवा है। अंशुमाली शर्मा, एसएलओ एनएसएस, लखनऊ।

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