यूपी सरकार का बजट आने पर राजनीतिक पार्टियों ने रखी अपने मन की बात


यूपी सरकार का बजट आने पर राजनीतिक पार्टियों ने रखी अपने मन की बात

उजाला हितैषी ब्यूरो, बुलंदशहर। यूपी सरकार का बजट आने पर खुशियों का माहौल देखने को मिला वहीं कुछ लोगों ने बजट को निराशा बताते हुए और बजट को उद्योगपति और पूंजीपतियों का बजट बताया यह बजट केवल भारतीय जनता पार्टी के लिए है मध्य वर्ग के लिए बजट नहीं है वहीं राजनीतिक पार्टियों ने भी अपनी राय दी। प्रदेश को पेपर फ्री बजट नहीं योगी फ्री बजट चाहिए सरकार को हवाई जहाज की फिक्र मगर गन्ना किसानों के बकाए के भुगतान के लिए कोई राशि नही नोट बंदी विसंगतिपूण जीएस टी ओर अनियंत्रित लॉक डाउन की मार झेल रहे हैंअनियंत्रित लॉक डाउन की मार झेल रहे हैं व्यापारियों के लिए कोई पैकेज नहीं है लॉकडाउन के बिजली के बिल माफी की कोई व्यवस्था नहीं की गई बीते वर्ष के मुकाबले इस बार बजट में 7.5 प्रतिशत का इजाफा किया गया है लेकिन सरकार की किसानों के प्रति सभ्यता एक बार फिर सामने आई प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है यह वह वादा है जो बीते 5 सालों से लगातार किया जाता है लेकिन उसके लिए कोई ठोस उपाय कभी नहीं किए जाते सरकार ने यह तो बताया दिया एक हजार करोड़ से ज्यादा का गन्ना किसानों का भुगतान किया लेकिन इस बार बकाया भुगतान के लिए इस बजट में कोई आवेदन नहीं किया सरकार ने यह भी कहा कि नस्ल पुश पजनन नीति के तहत रोग नियंत्रण के लिए पशु चिकित्सालय का निर्माण होगा लेकिन पशु पालो की की आय बढ़ाने और उसके लिए कोई नई परियोजना चलाने के बारे में कोई बात की ही नहीं गई कोरानाकाल मे जो नौकरिया गई उन युवाओं के रोजगार के लिए कोई रोड मैप नहीं है महिलाओं को सुरक्षा का नारा लगाने वाले भाजपा सरकार ने इस बार पुलिस महकमे के लिए कोई आवंटन ही नहीं किया इससे साफ है कि महिला सुरक्षा सिर्फ उनके भाषणों में है नीयत मे नही सपा सरकार में शुरू हुआ 1090 अब बंदी की कगार पर है और प्रदेश में आए दिन महिलाएं बेटियों के साथ जो घटनाएं हो रही हैं उसके प्रति सरकार जरा भी चिंतित नहीं है सपा सरकार मैं लाखों युवाओं को लैपटॉप दिए गए जिसमें उनके जीवन बदला मगर इस सरकार ने उस योजनाओं को ना सिर्फ बंद किया बल्कि हर साल की तरह इस बार भी टेबलेट देने का वादा तो कर दिया देंगे या नहीं देंगे यह देखने वाली बात होगी बुलंदशहर और उससे जुड़े उद्योगों के लिए सरकार ने कोई पहल नहीं की यह निराशाजनक बजट है- सपा प्रदेश सचिव दिनेश गुर्जर। युपी सरकार ने जो बजट पेश किया है वह केवल उद्योगपतियों पूंजीपतियों के लिए वाला बजट है मध्यमवर्ग केबल वाले बजट के लिए कोई राहत नहीं है महंगाई को देखते हुए बजट में कोई राहत नहीं दी गई है- सपा जिला अध्यक्ष अमजद अली गुड्डू। बजट कुछ नहीं यह भारतीय जनता पार्टी है इन्होंने गैस डीजल पेट्रोल रसोई के रोज आने वाली चीजों पर महंगाई बढ़ा दी और महंगाई बढ़ाकर गरीबों का निवाला भी छीन लिया सरकार ने गरीब क्या पता कि बजट क्या होता है उसे तो दो वक्त की रोटी मतलब है और यह सरकार अमीरों की है गरीबों की नहीं- शिवसेना जिलाध्यक्ष सवेश राणा। यूपी सरकार द्वारा लाए गए बजट से लोगों को यह राहत थी कि यह बजट सभी को खुशी का माहौल पैदा करके देगा और बढ़ती महंगाई पर रोक लगाएगा लेकिन बजट में सब को निराशा कर दिया और बजट से कोई उम्मीद नहीं रही- बसपा जिलाध्यक्ष सतीश सागर। यूपी सरकार के एजेंडे में किसान है ही नहीं तो बजट से क्या उम्मीद लगाई जा सकती है यूपी सरकार का यह अंतिम बजट है तीन बार से गन्ना मूल्य ₹1 नहीं बढ़ाया गया लेकिन किसानों की आमदनी को दोगुना करने का दावा किया जा रहा है भाजपा के पास ऐसे एक्सपर्ट है जो गन्ना मूल्य ₹1 नहीं बढ़ाया जाएगा फिर भी आमदनी दोगुनी हो जाएगी मैच यूपी का किसान आज बर्बाद हो रहा है पशुपालक का दूध ₹26 लीटर बिक रहा है पशुपालन के लिए कोई प्रोजेक्ट सरकार के पास नहीं है विदेशों से दूध का आयत खोल दिया गया है अब पशुपालक भी बर्बाद हो जाएगा किसानों को अब भाजपा से कोई उम्मीद नहीं है- प्रदेश उपाध्यक्ष आसिफ गाजी यूपी सरकार जो बजट पेश किया वह केवल भाजपा नेता के लिए लाया गया गरीबो के लिए नही- आजाद समाज पार्टी वीर सैन। यूपी सरकार ने जो बजट पेश किया है गरीब मजदूर महिलाओं के लिए व्यापारियों के लिए कोई भी राहत व्यापारियों के लिए कोई भी राहत भरा बजट पीस नहीं किया बजट केवल उद्योगपतियों के लिए लाया गया है पीस पाटी जिला अध्यक्ष सुजात अली बजट जो लाया गया है केवल भाजपा नेताओं के लिए है जो वादे 2017 के विधानसभा चुनाव में किए गए थे उस बजट में कहीं भी दिखाई नहीं दिए जा रहे हैं और बजट किसानों और व्यापारियों को बर्बाद करने वाला बजट पेश किया है- कांग्रेस जिलाध्यक्ष टूकीमल खटीक। 2021 का उत्तर प्रदेश सरकार का बजट गरीबों की जेब पर हमला है यह उत्तर प्रदेश सरकार का बजट नहीं है यह भाजपा के नेताओं और मालदार बनाने वाला बजट है मछुआ समुदाय को लगातार बजट का शिकार बनाया जा रहा है उत्तर प्रदेश में मछुआ समुदाय की आबादी 18% है 18% ही बजट में हिस्सा होना चाहिए। निषाद पार्टी इस बजट का विरोध करती है- निषाद पार्टी प्रदेश महासचिव शिखर अग्रवाल। यूपी सरकार द्वारा लाए गए बजट में किसानों को बर्बाद करने वाला बजट दिया गया है और इसमें महिलाओं और व्यापारियों के लिए कोई भी राहत और महंगाई को देखते हुए बजट अच्छा पेश नहीं किया है- एआईएमआईएम प्रदेश महासचिव रियाजुद्दीन सैफी। उत्तर प्रदेश का भारी-भरकम बजट 190 बाजी का बजट है जिसमें बड़ी बड़ी योजनाओं की घोषणा की गई किंतु योगी सरकार का 4 साल का कार्यकाल बताता है कि सिर्फ इस बात को बता रहा है कि केंद्र के दर्द पर बड़ी-बड़ी पैसे की संख्या बता कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है पैसे की व्यवस्था के बारे में जुमलेबाजी है कोरोना काल में अपने कामों का ढोल पीटने वाली सरकार ऑक्सीमीटर और मशीनों में भ्रष्टाचार में जुटी थी पुराना काल में बेरोजगार हुए लोगों के रोजगार पर कोई रोड मेल नहीं है और किसानों को आय दोगुना करने की बात कहने की सार्थकता तभी होती जब एमएसपी को कानून बनाने का समर्थन की घोषणा करते पूरी तरह चुनाव के आखिरी साल में जनता के लिए भ्रामक बजट है- आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष विकास शर्मा। गरीबों और किसानों के उत्थान और महिलाओं के सशक्तीकरण और युवाओं को रोजगार और प्रदेश गरीबों और किसानों के उत्थान और महिलाओं के सशक्तीकरण और युवाओं को रोजगार और प्रदेश के चतुर्वेदी विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेत्र में लाए गए 550270 करोड़ 2800000 रुपए के ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का आभार व्यक्त करते हैं और बजट अच्छा पेश करता है इसके लिए धन्यवाद करते हैं- भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल सिसोदिया। यूपी सरकार ने जो बजट पेश किया है किसान सरकार के एजेंडे में नहीं है और यूपी सरकार के एजेंडे में किसान को बर्बाद करने वाला बजट लाया गया है इस बजट में ना तो किसानों को लाभ है और ना ही किसी व्यापारी और मध्य वर्ग के लोगों को है यह बजट अमीरो के लिए है- रालोद जिलाध्यक्ष अरूण चौधरी।

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