सरकारी कर्मचारीयों पर नही होती कोरोना प्रोटोकॉल के उल्लंघन की कार्यवाही


सरकारी कर्मचारीयों पर नही होती कोरोना प्रोटोकॉल के उल्लंघन की कार्यवाही

उजाला हितैषी ब्यूरो, बुलंदशहर/बीबीनगर। जहाँ एक तरफ सम्पूर्ण भारत कोविड-19 जैसी विश्वव्यापी महामारी से जूझ रहा है वहीं देश की आम जनता से लेकर योगी सरकार के नुमाइंदे (सरकारी कर्मचारी) भी कोरोना संक्रमण के प्रसार में भागीदारी निभा रहे हैं। जब देश में कोरोना संक्रमण की प्रथम लहर ने दस्तक दी थी तब भी उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारी तथा अधिकारियों से लेकर आम जनता ही कोरोना संक्रमण के प्रसार की जिम्मेदार थी, और आज जब कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर संपूर्ण देश में प्रतिदिन हज़ारों लोगों की मृत्यु का कारण बन रही है, तब इसकी जिम्मेदार केवल आम जनता ही नही बल्कि आम जनता के साथ कोरोना संक्रमण के प्रसार में भागीदारी निभाते योगी आदित्यनाथ सरकार के नुमाइंदे ही हैं। कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाली आम जनता पर तो प्रशासन की कार्यवाही का हंटर चल जाता है लेकिन जब इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन स्वयं प्रशासनिक कर्मचारी या अधिकारी करते हैं तो उनके ऊपर कार्यवाही करने वाला हंटर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बनाया ही नही है। इसकी पुष्टि हमने तब की जब 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू के दिन से लेकर जनपद बुलंदशहर में कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले प्रशासनिक अधिकारी तथा कर्मचारीयों की तश्वीर आये दिन अखबारों में देखने को तो मिलीं लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार की कार्यवाही का हंटर चलता हुआ दिखाई नही दिया। ऐसे ही न जाने कितने नजारे बुलंदशहर की तहसील स्याना के बीबीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रतिदिन देखने को मिल जायेगा। जिसमे कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले आम आदमी के ऊपर प्रशासन की कार्यवाही का हंटर प्रतिदिन चलता है लेकिन प्रशासनिक तथा बैंक कर्मचारीयों या अन्य सरकारी कर्मचारीयों पर कभी भी कोई कार्यवाही होती दिखाई नही देती।

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