मुख्य खबरें

post author 17 August 2021, 05:25:00 PM

नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती डासना मंदिर के महंत नरेशानन्द की हालत अब खतरे के बाहर


नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती डासना मंदिर के महंत नरेशानन्द की हालत अब खतरे के बाहर

गाज़ियाबाद ने नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल में भर्ती डासना मंदिर के महंत नरेशानन्द की हालत अब खतरे के बाहर है।  पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं एनसीआर के विख्यात सर्जन डॉ. आशीष गौतम एवं वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ न्रपेन विश्नोई ने कई घंटों तक चले ऑपरेशन के बाद महंत को नया जीवन दिया। आपको बता दें कि 10 अगस्त को सुबह 3.30 बजे कुछ अज्ञात अपराधियों ने डासना मंदिर के महंत स्वामी नरेशानंद को चाकुओं एवम धारधार हथियारों से गंभीर रूप से घायल कर दिया। आननफानन में लोगों ने पहले उन्हें ग़ाज़ियाबाद के ही एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए जहाँ उन्होंने मरीज की स्थिति देखकर भर्ती के लिए इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें नेहरू नगर स्थित यशोदा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। महंत जब अस्पताल पहुँचे तब उनकी स्थिति काफी गंभीर थी। गहरे घावों के कारण उनका पेट पूरी तरह से खुला हुआ था और सारी आँतें बाहर आ गयी थी। डॉक्टरों के अनुसार उनकी धमनियां और गले की नसें भी काफी गहराई तक कटी हुई थी। भर्ती के समय वे पल्सलेस एवम बीपीलेस थे महंत जब अस्पताल पहुँचे तब उनकी स्थिति काफी गंभीर थी। गहरे घावों के कारण उनका पेट पूरी तरह से खुला हुआ था और सारी आँतें बाहर आ गयी थी। डॉक्टरों के अनुसार उनकी धमनियां और गले की नसें भी काफी गहराई तक कटी हुई थी। भर्ती के समय वे पल्सलेस एवम बीपीलेस था। मरीज को तात्कालिक प्राथमिक उपचार देकर आपरेशन थिएटर शिफ्ट किया गया। जहां महंत का आपरेशन डॉ आशीष गौतम और वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ नृपेन विश्नोई ने किया। कई घंटों की इस जटिल आपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न कर डाक्टरों ने स्वामीजी को गहन चिकित्सा कक्ष में वेंटिलेटर की सहायता से शिफ्ट कर दिया। डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि मरीज जब अस्पताल में आया था तो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसके बचने की संभावना लगभग न के बराबर थी। स्वामी जी के अस्पताल में आते ही अस्पताल प्रबंधन ने पैसों की परवाह किया बगैर मरीज का इलाज शुरू कर दिया। आज मरीज का सातवां दिन है और मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा लिया गया है । अब मरीज मुँह से तरल और सेमिसोलिड आहार लें रहे हैं। उनके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है और डॉक्टरों का मानना है कि जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. रजत अरोरा ने डॉ. गौतम एवम डॉ. विश्नोई को इस जटिल आपरेशन को सफलतापूर्वक करने के संदर्भ में बधाई दी और जनपद वासियों को आश्वस्त किया कि यशोदा अस्पताल की भी प्रकार के गंभीर इलाज के लिए समाज के प्रति कटिबद्ध है। साथ ही उन्होंने इस दुखद जानलेवा घटना पर खेद व्यक्त किया।

You might also like!

Leave a Comment

Ads
Ads
Ads