मुरादाबाद शासनादेश पर राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर के प्रधानाचार्य डा. अनुज अग्रवाल ने बिधालय को सैनिटाइज कराया


मुरादाबाद शासनादेश पर राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर के प्रधानाचार्य डा. अनुज अग्रवाल ने बिधालय को सैनिटाइज कराया

मुरादाबाद शासनादेश पर राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर के प्रधानाचार्य डा. अनुज अग्रवाल ने बिधालय को सैनिटाइज कराया । शासन के आदेश पर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों को आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार 6 जुलाई से खोला गया है इसके मद्देनजर राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर मुरादाबाद के प्रधानाचार्य डॉ अनुज अग्रवाल बताया कि आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन को फॉलो करते हुए राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर को सैनिटाइज किया। इसी क्रम में उनके द्वारा कोरोनावायरस से वचाव हेतु अभिभावकों व छात्रों को प्रशिक्षित कर स्वयंसेवक तैयार किये जा रहे है ।इस के क्रम में जन जागरूकता अभियान के तहत वॉल पेंटिंग तथा स्लोगन्स का सहारा लिया जाएगा। चित्रकला में पारंगत छात्रों को इसकी जिम्मेदारी दी जा रही है। ताकि वह समाज को जागरूक कर सकें तथा सोशल डिस्टेंसिंग का विधिवत पालन कर सकें विद्यालय में पठन-पाठन के लिए ऑनलाइन वर्चुअल क्लास के विभिन्न विभिन्न नई तकनीकी को अपनाया जा रहा है ।आज प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर मुजफ्फरपुर अनुज अग्रवाल ने गांव में मंदिर मस्जिद तथा अन्य सार्वजनिक जगहों को सेनिटाइज किया ! कोरोना काल में पढ़ाई के साथ ही छात्रों की प्रतिभा के मुताबिक उन्हें सेवा को तैयार किया जा रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज मानपुर के प्रधानाचार्य डॉ अनुज अग्रवाल ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई में कोई अवरोध न आए, इसके लिए यूट्यूब चैनल बनाए जाने के साथ ही व्हाट्सएप व सोशल मीडिया का सहारा लेकर शैक्षिक व्यवस्था को सुचारु रखा गया है। विद्यालय में ग्रामीण व अंर्तनिहित इलाकों से आने वाले छात्रों के माध्यम से कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए छात्रों को प्रशिक्षित किए जाने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत ऑनलाइन चित्रकला प्रतियोगिता के अलावा भाषण आदि प्रतियोगिताएं ऑनलाइन आयोजित की जाने की तैयारी है। इन प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले चित्रकला में निपुण छात्रों को उनके क्षेत्र विशेष में कोरोना के खिलाफ जागरूकता से संबंधित स्लोगन दीवारों पर लिखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मास्क का प्रयोग करने व मास्क का वितरण करने के लिए प्रेरित करने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिक्षकों के निर्देशन में क्षेत्र विशेष में जागरूकता अभियान चलाने को प्रेरित किया जाएगा। अभियान से संबंधित संसाधन विद्यालय परिवार की ओर से उपलब्ध कराए जाने की बात कही। भाषण में निपुण छात्रों को कन्वेसिंग की कमान सौंपी जाएगी। इस तरह छात्रों को स्वयंसेवक के रूप में समाज सेवा को सक्रिय करते हुए स्वयं भी आयुष मंत्रालय की सभी गाइडलाइन का पालन करने को निर्देशित किया जाएगा। संबंधित प्रतियोगिताओं की तैयारी अंतिम चरण में है। जल्द ही इनका ऑनलाइन आयोजन करने से पहले अभिभावकों को भी ऑनलाइन गतिविधियों में सहभागिता के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। विद्यालय इससे पहले भी विशेष शिक्षण व्यवस्था और नवाचार के लिए कई बार सम्मानित हो चुका है। डिजिटल क्लासेज के अलावा, सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण एवं पहली अंग्रेजी भाषा लैब स्थापित करने के चलते विद्यालय को पहचान मिली है। स्कूली बच्चों ने कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण जागरूकता पर काम करते हुए विगत दिनो में जल बचाओ, देश बचाओ का संदेश भी दिया। पौधों को मटका थिंबुक पद्धति से जोड़कर स्कूल के बच्चे अपनी रचनात्मकता का परिचय पहले ही दे चुके हैं। इस पद्धति के तहत विद्यालय परिसर के आसपास पौधों को मटके में जुट की रस्सी डालकर उस रस्सी को पौधे की जड़ तक पहुंचाया गया है। मटका उतना ही जल रस्सी के माध्यम से पौधे की जड़ तक पहुंचाता है जितनी पौधे को जरूरत होती है। विद्यालय प्रधानाचार्य डॉ अनुज अग्रवाल के निर्देशन में इस शोध की सफलता से पौधों की वृद्धि भी तीव्र गति से आंकी गई।

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